Home railway रेल पटरी से उड़ीसा से बंगाल आ रहे 7 श्रमिक बरामद दांतन के सोनाकेनिया लेवल क्रासिंग के पास रेल राजकीय पुलिस ने बरामद किया, श्रमिकों की स्वास्थय जांच कर क्वारेंटाईन सेंटर में भेजा गया

रेल पटरी से उड़ीसा से बंगाल आ रहे 7 श्रमिक बरामद दांतन के सोनाकेनिया लेवल क्रासिंग के पास रेल राजकीय पुलिस ने बरामद किया, श्रमिकों की स्वास्थय जांच कर क्वारेंटाईन सेंटर में भेजा गया

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                            रघुनाथ प्रसाद साहू
खड़गपुर। रेल पटरी से उड़ीसा से बंगाल आ रहे 7 श्रमिकों को दांतन के सोनाकेनिया लेवल क्रासिंग के पास रेल राजकीय  पुलिस ने बरामद कर दांतन थाना को सौंप दिया जिसके बाद श्रमिकों की स्वास्थय जांच करा कर क्वारेंटाईन सेंटर में भेज दिया गया है। ज्ञात हो कि मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा थाना इलाके के कई गांव के लोग भुवनेश्वर में कंस्ट्रक्शन मजदूर थे लाकडाउन के बाद काम बंद होने से परेशान 7 मजदूर मछली के ट्रक में भरकर बिना अनुमति के आ रहे थे लेकिन उड़ीसा- बंगाल सीमा पर श्रमिक उतर गए व रेल पटरी से आने लगे तभी रेल पुलिस सभी को पकड़कर दांतन थाना को सौंप दिया। बेलडांगा गांव के मिनारुल हक का कहना है कि योजना थी कि सीमा में कुछ रेल पटरी से यात्रा कर लिया जाए ताकि सड़क सीमा में उनलोगों को रोका ना जा सके सीमा पार मछली ट्रक जिसके चालक उसके दूर के परिजन थे इंतजार कर रहे थे लेकिन रेल पुलिस के पकड़ लेने से योजना धरी की धरी रह गई। मिनारुल ने बताया कि तड़के तीन बजे से वे लोग भुवनेश्वर से निकले थे सुबह में सिर्फ खाना खाए थे शाम तक कुछ खाने को नहीं मिला था सातो का मेडिकल जांच कराया गया है व मुर्शिदाबाद की बस जाने पर उनलोगों को भी जाने का प्रबंध करने का आश्वासन राज्य पुलिस ने दिया है। पता चला है कि मछली ट्रक मे कई लोग अपने घर पहुंच चुके है। श्रमिकों का कहना है कि महाराष्ट्र में श्रमिकों के साथ हुए सड़क हादसे के बारे में उनलोगों ने नही सुना है। सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी कहते हैं रेल पटरी से आने वाले श्रमिकों को लेकर रेल प्रशासन सतर्क है व रेल के किसी भी विभाग के कर्मचारी देखते हैं तो उनलोगों को राज्य सरकार को सौंप दिया जाता है। आरपीएफ के डीएससी विवेकानंद नारायण कहते हैं बीते दो दिनों में रेल पटरी पर सफर करने नहीं के बराबर है। रेल पटरी पर चलने से समझाने पर भी नही मानने पर कानूनी प्रावधान है पर ऐसी कोई जरुरत नहीं पड़ी हमलोग संवेदनशील तरीके से चाय पानी पिला समझा बुझा रेल पटरी पर चलने से मना कर देते हैं। ज्ञात हो कि उड़ीसा- बंगाल सीमा पर ही उड़ीसा व दक्षिण भारत से आने वाले श्रमिक ज्यादा होते हैं। 

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