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जरुरुत पड़ी तो चुनाव लड़ेंगे, फिलहाल इरादा नहीं, एसटी दर्जा पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन करेगी कुड़मी समाज 

 

जरुरुत पड़ी तो चुनाव लड़ेंगे, फिलहाल इरादा नहीं, एसटी दर्जा पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन करेगी कुड़मी समाज 

 

कुड़मी समाज के पश्चिम बंगाल राज्य राज्य सभापति राजेश महतो ने कहा कि अगर लोग चाहे तभी हम लोग लोकसभा चुनाव लड़ेंगे फिलहाल कोई योजना नहीं है। महतो ने उक्त बात सादतपुर के निजी होटल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। ज्ञात हो कुर्मी समाज ने पंचायत चुनाव में प्रतिद्वंदता की थी।

राजेश ने कहा कि बीते  पंचायत चुनाव की तरह ही वर्तमान लोकसभा चुनाव के दौरान पुनः वे अपने समाज की समस्याओ व मांगो की प्रति प्रशासन का ध्यानाकर्षण करने के उद्देश्य से दीवार लेखन करेंगे. साथ ही अपने घरों की दीवर पर किसी भी राजनैतिक दल को कोई अपील करने नहीं देंगे . प्रेस वार्ता में भी अपनी जाति को जनजाति के बतौर स्वीकृति की मांग की।

उन्होने कहा कि  ” हम अपने घरो की दीवार राजनैतिक दलों के व्यवहार में न लगाकर हम इसपर अपनी दुःख -दर्द लिखेंगे ताकि  सरकार जिन्हे हम अब तक अपनी बात नहीं समझा पाएं हैं .  उन्हें अपनी समस्या भली – प्रकार समझा सकें  जिससे कम से कम दीवार – लेखन पढ़ कर शायद सरकारों की कोई भावना जाग्रत हो और वे  हमारी मांगो पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर सकें . ”  उन्होने आरोप लगाया कि बीते दिनों आंदोलन में शरीक हुए लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। ज्ञात हो कि बीते दिनों कुड़मी समाज रेल व सड़क आंदोलन कर जनजीवन को प्रभावित कर चुकी है। 

उन्होने पुरुलिया में सीएम की ओर से कुड़मी समाज पर सर्वे कराने की जो बात कही है उस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पहेल किया जाना चाहिए अब सर्वे होगी तो हमारा सात साल बर्बाद हो चुका है।

 

उन्होने कहा कि राज्य सरकार की सीआरआई रिपोर्ट पर जस्टिफिकेशन व आरजीआई रिपोर्ट पर समन्वय होने के बाद ही केंद्र सरकार की जनजाति विभाग इस पर फैसला लेगी। उन्होने उम्मीद जाहिर की राज्य सरकार जल्द ही मामले पर पहल करेगी। 

 

उन्होने कहा कि जल्द ही कुड़मी समाज की बैठक होगी जिसमें आगे की आंदोलन की रुपरेखा तैयार होगी। उन्होने कहा कि वे लोग ना तो राज्य सरकार के खिलाफ है ना केंद्र के वे लोग सिर्फ अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं जो जल्द नहीं मिला तो वृहत्तर आंदोलन करेंगे।इस अवसर पर मनोरंजन महतो, कौशिक महतो, शिवाजी महतो व अन्य उपस्थित थे।    

 

 

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